🐟 मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना 2026-27 | बिहार | 50% से 70% तक अनुदान
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना को कुल ₹1070.80 लाख (10 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये) की लागत पर स्वीकृति दी है। यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू होगी और इससे लगभग 1704 मत्स्य कृषक लाभान्वित होंगे।
📌 योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना |
| विभाग | डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार |
| योजना का प्रकार | राज्य योजना |
| वित्तीय वर्ष | 2026-27 |
| कुल स्वीकृत राशि | ₹1070.80 लाख |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन (विभागीय वेबसाइट) |
| लागू क्षेत्र | बिहार के सभी 38 जिले |
🎯 योजना का उद्देश्य
- राज्य को मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना।
- गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता बढ़ाना।
- सभी वर्गों के किसानों को मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- मात्स्यिकी से जुड़ी आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना।
🧩 योजना के 3 मुख्य घटक
| घटक | इकाई लागत | अन्य वर्ग (50%) | अति पिछड़ा / अनु. जाति / अनु. जनजाति (70%) |
|---|---|---|---|
| 1. उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन (1 इकाई = 0.5 एकड़) | ₹1,00,000 | ₹50,000 | ₹70,000 |
| 2. ट्यूबवेल एवं पम्पसेट अधिष्ठापन | ₹1,20,000 (ट्यूबवेल ₹80,000 + पम्पसेट ₹40,000) | ₹60,000 | ₹84,000 |
| 3. तालाब मात्स्यिकी हेतु यांत्रिक एरेटर | ₹50,000 (एरेटर ₹40,000 + अधिष्ठापन आदि ₹10,000) | ₹25,000 | ₹35,000 |
* अनुदान निर्धारित इकाई लागत या वास्तविक खर्च, दोनों में जो कम हो, उसके आधार पर मिलेगा। अधिक खर्च लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। मत्स्यजीवी सहयोग समितियों को भी 70% अनुदान मिलेगा।
📊 वर्गवार भौतिक लक्ष्य (2026-27)
| वर्ग | मत्स्य बीज (इकाई) | ट्यूबवेल-पम्पसेट | यांत्रिक एरेटर |
|---|---|---|---|
| अन्य वर्ग | 250 | 200 | 142 |
| अति पिछड़ा वर्ग | 300 | 400 | 140 |
| अनुसूचित जाति | 112 | 78 | 19 |
| अनुसूचित जनजाति | 27 | 27 | 9 |
| कुल | 689 | 705 | 310 |
* जिलावार लक्ष्य अधिसूचना के अनुलग्नक में दिए गए हैं।
✅ पात्रता एवं मुख्य शर्तें
🔹 उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन
- आवेदक के पास निजी / लीज़ / पट्टे का तालाब होना अनिवार्य है।
- एक व्यक्ति/परिवार को अधिकतम 1 एकड़ और ग्रुप को अधिकतम 1 हेक्टेयर तक के लिए अनुदान।
- औसत 25 ग्राम या उससे अधिक वजन के उन्नत बीज (फिंगरलिंग/ईयरलिंग) तैयार करने होंगे।
- बीज का मूल्य: ₹200/किलो (औसत 25 ग्राम) एवं ₹250/किलो (औसत 50 ग्राम)।
- इच्छुक मत्स्य हैचरी मालिक भी चयन में शामिल हो सकेंगे।
🔹 ट्यूबवेल एवं पम्पसेट
- तालाब न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र का होना चाहिए।
- 0.25 से 2.5 एकड़ के तालाब पर 1 ट्यूबवेल व 1 पम्पसेट; 2.5 से 5 एकड़ पर अधिकतम 2।
- पम्पसेट अधिकतम 5 एच.पी. (डीजल/बिजली चालित) तथा सामग्री ISI मार्का की हो।
- निजी/लीज़ तालाब के लिए न्यूनतम 9 वर्ष का ₹1000 के नन-जुडिशियल स्टाम्प पर एकरारनामा।
- मत्स्यजीवी सहयोग समितियाँ भी आवेदन कर सकती हैं (एक समिति को अधिकतम 5)।
🔹 यांत्रिक एरेटर
- तालाब न्यूनतम 0.40 एकड़ जलक्षेत्र का होना चाहिए।
- 2 एच.पी. (4 पैडल) का पैडल व्हील एरेटर; अधिकतम 2 एरेटर प्रति एकड़।
- तालाब तक बिजली या स्टैंडबाई जनरेटर की सुविधा आवश्यक।
- पिछले वर्षों में लाभ लिए गए तालाब/लाभुक को दोबारा लाभ नहीं मिलेगा।
- एरेटर की खरीद NFDB हैदराबाद या विभाग द्वारा सूचीबद्ध (Empanelled) एजेंसी से करनी होगी।
- प्राथमिकता: हैचरी संचालक एवं प्रगतिशील मत्स्य पालक (कम से कम 3 टन/हेक्टेयर उत्पादन)।
अति पिछड़ा/अनु. जाति/अनु. जनजाति के लिए: जिन्होंने चालू या गत वर्ष राज्य योजना के तहत तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना / पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना के सदृश अवयव का लाभ लिया है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
📄 आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड / राशन कार्ड / मतदाता पहचान पत्र / जमीन के नक्शे की अभिप्रमाणित प्रति
- मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, खाता संख्या एवं IFSC कोड
- जाति प्रमाण पत्र (अनु. जाति/जनजाति/अति पिछड़ा वर्ग के लिए अनिवार्य)
- भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र / अद्यतन मालगुजारी रसीद / सरकारी पट्टा / लीज़ एकरारनामा
- योजना अवयव के साथ आवेदक का पोस्टकार्ड साइज फोटोग्राफ (तालाब की पहचान हेतु स्पष्ट लैंड-मार्क के साथ)
- नोटरी शपथ पत्र कि तालाब विवाद रहित है
- मत्स्यजीवी सहयोग समिति के लिए: निबंधन प्रमाण पत्र, प्रबंधकारिणी की बैठक की कार्यवाही एवं समिति का शपथ पत्र
💳 अनुदान भुगतान कैसे होगा?
| घटक | भुगतान प्रक्रिया |
|---|---|
| मत्स्य बीज उत्पादन | दो बराबर किस्तों में (50% + 50%) |
| ट्यूबवेल एवं पम्पसेट | दो किस्तों में (60% + 40%) |
| यांत्रिक एरेटर | एक मुश्त (एकमुश्त) भुगतान |
सभी भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में RTGS/NEFT/DBT के माध्यम से किए जाएंगे। सामग्री का क्रय लाभार्थी स्वयं करेगा और पक्का रसीद (GST सहित) जिला मत्स्य कार्यालय में जमा करना होगा।
📝 चयन एवं आवेदन प्रक्रिया
- नीचे दिए गए Official Website लिंक पर जाकर योजना का ऑनलाइन आवेदन भरें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज एवं शपथ पत्र अपलोड करें।
- प्राप्त आवेदनों की जाँच जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा की जाएगी। त्रुटिपूर्ण आवेदनों में सुधार के लिए एक पक्ष (15 दिन) का समय मिलेगा।
- चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया जाएगा। मत्स्य प्रशिक्षण/अनुभव एवं स्वलागत से योजना चलाने के इच्छुक लाभार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी।
- चयन के बाद कार्यादेश मिलने पर काम शुरू करें और निर्धारित प्रक्रिया से किस्तों का दावा करें।
- योजना से बने/लगाए गए अवयव पर विभाग द्वारा निर्धारित पक्का बोर्ड (4 फीट × 3 फीट) लगाना अनिवार्य है।
⚠️ ध्यान दें: यदि लाभार्थी अनुदान लेने के बाद योजना पूरी नहीं करता है, तो अनुदान राशि की वसूली की जाएगी और उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।
🔗 IMPORTANT LINKS
| शपथ पत्र (Affidavit) PDF | 📥 Download |
| Official Notification | 📄 Click Here |
| Official Website | 🌐 Apply Online |
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. इस योजना में कितना अनुदान मिलेगा?
अन्य वर्ग को 50% तथा अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मत्स्यजीवी सहयोग समितियों को 70% अनुदान मिलेगा।
Q2. योजना में कौन-कौन से अवयव हैं?
उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन, ट्यूबवेल एवं पम्पसेट अधिष्ठापन तथा तालाब मात्स्यिकी हेतु यांत्रिक एरेटर।
Q3. क्या शपथ पत्र जरूरी है?
हाँ, शपथ पत्र आवेदन के साथ देना होगा। ऊपर दिए लिंक से डाउनलोड करें।
Q4. आवेदन कहाँ करें?
मत्स्य विभाग, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन।
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